३ दिन में नया दांत लगवाने की जानकारी पाएं, वो भी मुफ़्त में!

क्यों लगवाना चाहिए नया दांत?

टूटे या गिरे हुए दांत बस देखने में ही खराब नहीं लगते। असली प्रॉब्लम तो रोज़ की जिंदगी में होती है। खाना ठीक से चबाना मुश्किल, बातें करते हुए बार-बार मुंह छुपाना, और हंसने में भी हिचक — बस ऐसा लगता है कि हर वक्त कुछ अधूरा सा है।
कई लोग तो सख़्त चीज़ें खाने से डरने लगते हैं या फोटो खिंचवाते वक्त मुंह दबा लेते हैं। अब भला आज के ज़माने में इतना क्यूं झेलना?
अच्छी बात ये है कि अब वो पुराने ज़माने वाला दर्द, महीनों तक चलने वाला इलाज और टांके-वांके कुछ नहीं। सिर्फ 3 दिन में नया दांत लग जाता है, वो भी बिना किसी टेंशन के।

३ दिन में नया दांत लगवाने की जानकारी पाएं मुफ़्त में!

क्यों लगवाना चाहिए नया दांत?

टूटे या गिरे हुए दांत बस देखने में ही खराब नहीं लगते। असली प्रॉब्लम तो रोज़ की जिंदगी में होती है। खाना ठीक से चबाना मुश्किल, बातें करते हुए बार-बार मुंह छुपाना, और हंसने में भी हिचक — बस ऐसा लगता है कि हर वक्त कुछ अधूरा सा है।
कई लोग तो सख़्त चीज़ें खाने से डरने लगते हैं या फोटो खिंचवाते वक्त मुंह दबा लेते हैं। अब भला आज के ज़माने में इतना क्यूं झेलना?
अच्छी बात ये है कि अब वो पुराने ज़माने वाला दर्द, महीनों तक चलने वाला इलाज और टांके-वांके कुछ नहीं। सिर्फ 3 दिन में नया दांत लग जाता है, वो भी बिना किसी टेंशन के।

ऑर्थोस्क्वेअर: नया दांत, नई मुस्कान, पुराना भरोसा

अपने लिए सही डेंटल इम्प्लांट चुनिए

हर मरीज की ज़रूरत अलग होती है, इसीलिए ऑर्थोस्क्वेअर पर हम आपके लिए अलग-अलग इम्प्लांट विकल्प रखते हैं। जिससे जो आपको सूट करे, वही करवाया जाए। जानिए आपके लिए क्या-क्या ऑप्शन हैं:

सिंगल डेंटल इम्प्लांट

अगर सिर्फ एक दांत टूटा है या निकलवाना पड़ा है, तो उसी जगह नया दांत लगाया जाता है। बिल्कुल नैचुरल दिखने वाला और मजबूत।

ऑल-ऑन-४ डेंटल इम्प्लांट

जब पूरे जबड़े में दांत कम हों या निकालने पड़ें, तो सिर्फ ४ डेंटल इम्प्लांट पर पूरा दांतों का सेट लगाया जाता है। जल्दी और टिकाऊ।

ऑल-ऑन-३ डेंटल इम्प्लांट

कुछ लोगों के जबड़े में ज़्यादा मज़बूती चाहिए होती है। उनके लिए ६ डेंटल इम्प्लांट लगाए जाते हैं ताकि दांत लंबे समय तक चले और मजबूती बनी रहे।

फुल माउथ डेंटल रिहैबिलिटेशन

अगर आपके पूरे जबड़े में दांत नहीं हैं या ज़्यादातर दांतों की हालत खराब है, तो इस इलाज में पूरे मुंह के दांत बदल दिए जाते हैं। नया जबड़ा, नई मुस्कान।

पुरानी मुस्कान
से नई तक
का सफर —
तस्वीरों में

पुरानी मुस्कान
से नई तक
का सफर —
तस्वीरों में

ऑर्थोस्क्वेअर डेंटल इम्प्लांट से मिलने वाले फायदे

जानिए डेंटल इम्प्लांट आपकी ज़िंदगी को कैसे आसान, बेफिक्र और मुस्कान से भरा बना देता है। खाने, बोलने और हँसने में कैसी राहत मिलती है।

पहलेअब
खाना खाने में दिक्कतजो मन हो, मज़े से खा सकते हैं
मुस्कुराने में शर्मखुलकर हँसते हैं, कॉन्फिडेंस के साथ
नकली जैसा एहसासअपने असली दांत जैसा आराम
बोलने में अटकसाफ़ और बेझिझक बोलना
बार-बार इलाजएक बार का इलाज, सालों का सुकून

सुनिए उनके अनुभव, जिन्होंने डेंटल इम्प्लांट करवाया

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डेंटल इम्प्लांट से जुड़ी आपकी हर शंका का आसान और साफ़ जवाब। पढ़िए वो बातें जो हर मरीज़ जानना चाहता है।

डेंटल इम्प्लांट करवाना दर्दनाक होता है?
बिलकुल नहीं। ऑर्थोस्क्वेअर में ये काम बिना दर्द और बिना टांके के किया जाता है। इलाज के समय और बाद में भी तकलीफ़ नहीं होती।
डेंटल इम्प्लांट लगवाने में कितना समय लगता है?
ज़्यादातर केस में सिर्फ ३ दिन में नया दांत लग जाता है।
क्या डेंटल इम्प्लांट हर उम्र में करवाया जा सकता है?
अगर हड्डियाँ और सेहत सही है, तो ३० के बाद किसी भी उम्र में डेंटल इम्प्लांट लगवाया जा सकता है।
इम्प्लांट लगने के बाद क्या मैं सब कुछ खा सकता हूँ?
हाँ! नया दांत लगने के बाद आप सख़्त से सख़्त खाना भी आराम से खा सकते हैं।
इसका खर्च कितना आता है?
ये दांत की स्थिति और इम्प्लांट टाइप पर निर्भर करता है। EMI की सुविधा भी है।
डेंटल इम्प्लांट कितने साल चलता है?
अगर सही देखभाल करें तो डेंटल इम्प्लांट कई साल तक बिना परेशानी के चलता है।
इलाज के बाद कितनी बार आना पड़ेगा?
सिर्फ १-२ बार रूटीन चेकअप के लिए आना पड़ता है।
क्या ऑर्थोस्क्वेअर का क्लिनिक मेरे शहर में है?
जी हाँ! हमारे १२०+ क्लीनिक भारत भर में हैं।